यूपी चुनाव 2027: योगी आदित्यनाथ को अखिलेश की चुनौती स्वीकार, बोले अयोध्या से चुनाव लड़ें सपा सुप्रीमो

यूपी चुनाव 2027: योगी आदित्यनाथ को अखिलेश की चुनौती स्वीकार, बोले अयोध्या से चुनाव लड़ें सपा सुप्रीमो

लखनऊ/अयोध्या . उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक बयानबाजी की बाढ़ आ गयी है. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की चुनौती देकर प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव की अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती पर पलटवार किया है. बलरामपुर की सभा में उन्होंने अखिलेश को अयोध्या से नामांकन करने के लिए कहा है.

अयोध्या में चुनाव लड़ने की चुनौती, भाजपा नेताओं के जवाब और मुख्यमंत्री के ताजा प्रशासनिक निर्देशों और चुनौती स्वीकार करने के ऐलान बीच 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां चर्चा में हैं.

अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री को क्यों दी चुनौती?

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव 8 अक्टूबर को अयोध्या पहुंचे थे. यहां उन्होंने सपा नेता एवं अयोध्या विधानसभा सीट से पार्टी के घोषित उम्मीदवार तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय के आवास पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में हिस्सा लिया. इस दौरान अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की चुनौती दी. उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री अयोध्या में अपनी सरकार के कामकाज और जनता के समर्थन को लेकर इतने आश्वस्त हैं, तो उन्हें इसी सीट से चुनाव लड़कर दिखाना चाहिए.

अखिलेश यादव ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी की ओर से अयोध्या का उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद भाजपा लगातार सर्वे करा रही है. उनके बयान को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले अयोध्या के राजनीतिक महत्व को केंद्र में लाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है. सपा प्रमुख ने अयोध्या के विकास, स्थानीय लोगों की समस्याओं और सरकार की नीतियों को लेकर भी भाजपा पर सवाल उठाए.

मुख्यमंत्री का पलटवार—अखिलेश सैफई छोड़कर अयोध्या से लड़ें चुनाव, मैं तैयार हु

अखिलेश यादव के चैलेंज पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बलरामपुर में जवाब दिया. उन्होंने मंच से अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए कहा, अयोध्या हमारी पावन धाम है हम सियासत के लिए नहीं विकास के लिए अयोध्या जाते हैं. उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ते हुए कहा कि लिए आपको ऑफर देते हैं आप भी अयोध्या से नामांकन करिए और मैं भी. चलिए एक बार किस्मत आजमा लेते हैं. योगी ने अयोध्या को अपनी आस्था की स्थली भी बताया. मुख्यमंत्री यही नहीं रुके उन्होंने पिछली सरकारों पर भी निशाना साधा और कहा, कि पहले माफिया जिस जमीन पर पैर रखता था, उस पर कब्जा कर लेता था. सपा के गुंडे व्यापारियों को फोन कर धमकाते और संपत्ति हड़प लेते थे. 2017 से पहले बलरामपुर की सड़के सबसे खराब थी. अब वोट तस्करी और बदमाशों की अराजकता की जगह विकास और बदलाव का आधार बना है और इलाके को आकांक्षात्मक जिले से संभावना वाला जिला बनने पर काम हो रहा है.


काशी विश्वनाथ और राम मंदिर का जिक्र

योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर और काशी विश्वनाथ धाम का जिक्र करते हुए कहा कि इसके निर्माण में बाधा डालने वाले आज प्रधानमंत्री मोदी का विरोध कर रहे हैं, पर विरोध की भी एक सीमा होती है. कांग्रेस और सहयोगी दलों पर उन्होंने शिष्टाचार भुलने और अभद्र भाषा बोलने का आरोप लगाया. उनके मुताबिक ऐसे प्रयास देश को गुमराह करने और अराजकता की ओर ले जाने वाले है.